ऐ मन काहे न धीर धरै ?
ऐ मन काहे न धीर धरै ? जीवन में मानव का चेतन मन प्रकृति की विराटता में आशा और तृष्णा की प्रबलता के सथ भटकना त्याग नहीं रहा , जैसे…
ऐ मन काहे न धीर धरै ? जीवन में मानव का चेतन मन प्रकृति की विराटता में आशा और तृष्णा की प्रबलता के सथ भटकना त्याग नहीं रहा , जैसे…
आदर्शों की सीमा है भगवान रामचन्द्र इस शीर्षक के चार शब्द क्रमशः आदर्श सीमा , भगवान और राम अपनी गुणवत्ता और महत्ता के लिए सारे जगत म विख्यात हैं ।…
इस युग की जय हो ( डा ० जी ० भक्त ) एक पुरातन कथन है :- कृषि सर्वोत्तम कला है , कारण कि वह स्वयं उत्पादन कर आजीविका जुटाता…
अनुनय विनय हे प्रभु ! आपकी कृपा और अपने सौभाग्य से आर्यावर्त की धरती पर जन्म लेकर कृतार्थ हुआ । यह आपकी महिमा का ही प्रसाद है कि इस जम्बूद्वीप…
होमियोपैथी, कोरोना के प्रति पुनः सावधानीआवश्यक,साईंस फौर सोसाइटी ( डा ० जी ० भक्त ) गत 2020 की फरवरी में अपना देश कोरोना के वैश्विक संक्रमण के प्रति सचेत किया…
भारत में होमियोपैथी की गरिमा और आज का परिदृश्य आज सन् 2021 की 10 वीं मार्च । अगले माह 10 अप्रील को महात्मा हैनिमैन का जन्म दिन महोत्सव होमियोपैथी के…
सामाजिक सरोकार से पिछड़ता मानव समाज डा ० जी ० भक्त होमियोपैथ स्वस्थ और समृद्ध मानव समाज के निर्माण सह विकास में स्वास्थ्य एवं शिक्षण पर आज गम्भीर चिन्तन की…