Wed. Feb 1st, 2023

Category: साहित्य

आध्यात्मिक विषय, आत्म चर्य्या

आध्यात्मिक विषय, आत्म चर्य्या डा. जी. भक्त मेरे विद्यार्थी जीवन में सिलेक्श था जिसे हिन्दी राष्ट्रभाषा की पुस्तक में पढ़ा था । विद्यापति की कविता में- आध जनम हम नींद…

विजय की महत्वकांक्षा और मानव धर्म

विजय की महत्वकांक्षा और मानव धर्म डा. जी. भक्त दो राष्ट्रों के बीच या दो व्यक्तिया के बीच संघर्ष अवश्य हो किसी कारण विशेष के द्योतक होते हैं । वे…

आध्यात्म बोध-5 युग बोध ही आत्म बोध लाता हैं ।

आध्यात्म बोध-5 युग बोध ही आत्म बोध लाता हैं । डा० जी० भक्त जीवन में काल और परिस्थिति की भूमिका अस्वीकारी नहीं जा सकती । परिस्थितियाँ समस्या खड़ी करती ही…