Fri. Apr 17th, 2026
                                  क्षितिज:- बाल प्रश्न (कविता संग्रह)

                                               रचना
                                      क्षितिज उपाध्याय
    क्षितिज:- बाल प्रश्न
    क्षितिज:-बाल प्रश्न

    क्षितिज:- बाल प्रश्न (कविता संग्रह)

    आभार

    प्रस्तुत कविता-संकलन “क्षितिज:-बाल प्रश्न” जो मेरे द्वारा संकलित किया गया है। जो कविताओं का प्रेरणा संकलन है। नवोदय विद्यालय की छात्र स्थानांतरण नीति के अंतर्गत हिंदी व अहिंदी भाषी क्षेत्रों के बीच पारस्परिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुझे अन्य क्षेत्रों में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर प्रदान किया गया।
    इस प्रस्तुतिकरण पर हमारे काफी विचार-विर्मश किया है। फिर भी निजी संबंधो से उभरते हुए, संकलन के रूप में कविताएँ स्पष्ट आकारों में बंटती जा रही थी, अत्याचार से संघर्ष , भारत की समस्या, बच्चों की भावना, समबोध कविता ऐसे ही कुछ मौलिक विषय है , जो जो क्षेत्रीय-जातीय एवं सांस्कृतिक भिन्नताओं के होते हुए भी सभी कविताओं में व्यापक रुप से प्रस्तुत है। कविताएँ कही तो बच्चों की आशाओं से जुड़कर आनन्द और अभिलाषाओं का रूप में है, तो कही नितांत दुःख और क्लेश से जुड़कर व्यंग्य या प्रश्न के रूप में हमारे सामने आती है।
    संकलन “क्षितिज:-बाल प्रश्न” में प्रस्तुत अन्य कविताएँ भी ऐसी ही मानवीय भावनाओं से परिपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए छात्र आधुनिक प्रचार-प्रसार के माध्यमो से परिचित होते हुए भी उनके गुणों से वंचित न रहे।
    आशा करता हुँ यह “क्षितिज:-बाल प्रश्न” पुस्तक सभी पढ़ेगे तथा कुछ ह्रदय स्पर्शी बातें ग्रहण करेंगे।

    लेखक
    क्षितिज

    क्षितिज:- बाल प्रश्न (कविता संग्रह)

    संस्तुति

             प्रस्तुत के कविता संकलन “क्षितिज:- बाल प्रश्न” जो जवाहर नवोदय विद्यालय सारण (बिहार) से आए हुए स्थानांतरित छात्र क्षितिज द्वारा संकलन कविता संग्रह जो समाजिक परिवेश, भारतीय समस्याएँ, बालको की भावनाओं तथा क्षेत्रीयता एवं जति धर्म संस्कृति पर विशेष ध्यान में रखकर लिखा गया । यह कविता संग्रह समाज को प्रेरित करने के लिए गया है। मैं आशा करता हूँ की “क्षितिज:- बाल प्रश्न” पढकर पाठक गण लाभान्वित होगें और समाजिक बुराइयों को दूर करने का प्रयास करेगें।
                                                             रिमल चन्द्र

                                               ज. न. वि. धलाई (त्रिपुरा)
                                     प्रशिक्षित स्नातक शिक्षिका(हिंदी)

     शुभ आशीर्वाद 

                 ज. न. वि. सारण के कक्षा-दशम ‘ब’ के प्रतिभावान छात्र क्षितिज द्वारा स्वरचित कविता संग्रह “क्षितिज :- बाल प्रश्न” समसामयिक ज्वलंत मुद्दों पर उठाया गया गम्भीर प्रश्न है। दोस्ती(मित्रता), माँ एवं पिता की बच्चे के जीवन में उपादेयता, दहेज प्रथा आदि पर लिखी कविताएँ सराहनीय है। क्षितिज के कोमल मन से प्रतिस्फुटित एक-एक शब्द मोती की तरह कवित रूपी माला में गुथे है । मुझे विश्वास है की क्षितिज ऐसी प्रकार समाज की बुराइयों, कारीतियोँ, ऊंच- नीच एवं महिला शोषण के विरूद्ध अपनी कविता के माध्यम से आवाज उठाते रहेंगे समाज इनकी कविताओं से सकारात्मक प्रेरणा लेता रहेगा। इस शुभ कार्य में ईश्वर हमेशा आपके साथ रहें।
                                                             शुभ आशीर्वाद
                                                                स्मिता सिंह
                                                            ज. न. वि. देवती
                                                             सारण, (बिहार)
                                     प्रशिक्षित स्नातक शिक्षिका(हिंदी)

                              शुभकामनाएँ

                    

    क्षितिज:- बाल प्रश्न (कविता संग्रह) 

    विषय-सूची

     सं०    शीर्षक

    1. रिश्वतखोरी

    2. नारी संसार

    3. “बच्ची” माँ से

    4. बच्ची के जन्म

    5. दिल कहता है

    6. आज का हिंदी दिवस

    7. दोस्त(i)

    8. दोस्त(ii)

    9. यें दोस्ती

    10. मेरे सपनों का भारत

    11. “नवोदय से नवोदय” प्रवेश के बाद

    12. भौतिक का इतिहास

    13. नेता जी(i)

    14. प्रेम शिकार

    15. नारी

    16. नेता जी(ii)

    17. नेता न. 1 से 10

    18. जीवन में कर्म

    19. रंग बदलती दुनिया

    20. जिंदगी में कुछ करते जाओ

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