Mon. Apr 13th, 2026

    Category: सोशल ट्रेंड्स

    क्या मजाक हैं, हमारा परिवेश और वर्तमान युग का कठोर सच

    क्या मजाक हैं हमारा परिवेश और वर्तमान युग का कठोर सच डा. जी. भक्त अभिव्यक्ति कुछ मेरी, कुछ आपकी क्या लिखूं बहुत लोग लिख गये, लाखों पन्नों में लिख गये…

    रोटी कपड़ा और मकान -डॉ० जी० भक्त

    रोटी कपड़ा और मकान डॉ० जी० भक्त इस धरती पर मनुष्य अन्य जीवों से इतना ही पृथक है कि उसकी बुनियादी माग कहें या राजनैतिक अधिकार या मानवता के नाते…

    स्वतंत्र या गुलाम -डा० जी० भक्त

    स्वतंत्र या गुलाम डा० जी० भक्त शीर्षक प्रथमतया विषय वस्तु से सम्बन्ध रखता है। हम स्वतंत्र भारतीय है या गुलाम इसका उत्तर जटिल है और सामान्य भी अगर हम अपने…

    क्या हम भारतीय है ? -डा० जी० भक्त

    क्या हम भारतीय है ? डा० जी० भक्त क्या आपको अपने आप पर शंका हो रही है ? क्या आपने कभी अपना आवासीय प्रमाणपत्र जमाकर अपनी राष्ट्रीयता अंकित नहीं करायी…

    वह देश हमारा है… -डा० जी० भक्त

    वह देश हमारा है:- डा० जी० भक्त (1) जो सभ्यता और संस्कृति के क्षेत्र में अति प्राचीन काल से शीर्ष उपलब्धि प्राप्त कर विश्व के इतिहास में गौरवान्वित रहा, जिसपर…

    वर्तमान भारतीय परिवेश में संस्कृति की झलक और नारी का स्थान

    वर्तमान भारतीय परिवेश में संस्कृति की झलक और नारी का स्थान डा. जी. भक्त यह एक दृष्टि कोण मात्र है कि परिवेश संस्कृति को प्रभावित की है और नारी भी…

    आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न

    आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न अपने गृहस्थाश्र में प्रवेश के पचासवें वर्ष पूरे होने के 30 जून 2022 गुरुवार को डा० जी० भक्त का अपने हाजीपुर , वैशाली ( बिहार ) निवास…