Wed. Jun 3rd, 2026

    प्रभाग-26 पंचम सोपान सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग-26 पंचम सोपान सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस चलेउ नाई सिरु पैठेउ बागा । फल खायसि तरु तौरे लागा ।। रहे तहाँ बहु भट रखवारे । कछु मारेसि कछु जाई पुकारे ।। सीता…

    प्रभाग-25 पंचम सोपान सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग-25 पंचम सोपान सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस समुद्र लांघ कर लंका जाने के संबंध में श्री जामवन्त जी द्वारा ढ़ादस दिलाना बहुत अच्छा लगा । उसे सुनकर हनुमान बहुत प्रसन्न हुए ।…

    प्रभाग 24 चतुर्थ सोपान किष्किन्धा काण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग 24 चतुर्थ सोपान किष्किन्धा काण्ड रामचरितमानस फिर जब पम्पापुर से आगे राम और लक्ष्मण जी बढ़े , तो ऋष्यमूक पर्वत समीप आ गये । वहाँ पर ही सुग्रीव अपने…

    प्रभाग-23 तृतीय सोपान अरण्य काण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग-23 तृतीय सोपान अरण्य काण्ड रामचरितमानस जब रामचन्द्र जी ने लक्ष्मण को आते देखा तो बाह्य रुप में ( दिखावा के लिए ) बहुत चिन्ता की । हे लक्ष्मण ,…

    प्रभाग-22 तृतीय सोपान अरण्य काण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग-22 तृतीय सोपान अरण्य काण्ड रामचरितमानस महाबली रावण कीबहन सूर्पनखा एक बार पंचवटी पहुँची । राम लक्ष्मण दोनों राजकुमारों को देख वह युवती कामाग्नि से व्याकुल होकर रामजी से प्रेम…

    प्रभाग-21 तृतीय सोपान अरण्य काण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग-21 तृतीय सोपान अरण्य काण्ड रामचरितमानस चित्रकूट से प्रत्यागमन के बाद एक शुभ दिन देख कर रामचन्द्र जी की चरण पादुका सिंहासन पर बिठाकर राज तिलक कर दिया गया ।…

    प्रभाग-20 द्वितीय सोपान अयोध्या काण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग-20 द्वितीय सोपान अयोध्या काण्ड रामचरितमानस सही समाधान सकारात्मक सोच में है । पूर्व धारणा में पूर्णतया नहीं । भरत जी मिलन का अभियान लेकर चले , साथ में गुरु…