Wed. Jun 3rd, 2026

    कदाचित विज्ञान और समाज शास्त्र भी सावधानी की अपेक्षा रखता है

    कदाचित विज्ञान और समाज शास्त्र भी सावधानी की अपेक्षा रखता है डा० जी० भक्त बिना अभ्यास का दाँत खोदना मनुष्य पर गम्भीर पड़ता है । शास्त्र की उक्ति है :-…

    समष्टि जगत की सत्यता में व्यष्टि का पीछे पड़ना कबतक चलेगा ?

    समष्टि जगत की सत्यता में व्यष्टि का पीछे पड़ना कबतक चलेगा ? डा० जी० भक्त आज विश्व जनमत जनतंत्र क पक्ष में चल रहा है । इसमें हमारा ही नहीं…

    जीवन में शिक्षा और शिक्षण की अनिवार्यता

    जीवन में शिक्षा और शिक्षण की अनिवार्यता डा० जी० भक्त सृष्टि के संरक्षण में उसका पोषण जैसे अनिवार्य है , उसी प्रकार जीवन में श्रेय पाने के लिए शिक्षा और…

    ” पुरुषार्थ के पन्ने ” जिसे आँधी भी झकझोर नही पाती

    ” पुरुषार्थ के पन्ने ” जिसे आँधी भी झकझोर नही पाती । डा० जी० भक्त जिन्होंने अल्पसंख्यकों एवं हाशिये पर जीवन जीने वालों के प्रति अपनी संवेदना जतायी वे महान…

    प्रभाग-27 पंचम सोपान सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस

    प्रभाग-27 पंचम सोपान सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस तब हनुमान जी ने आनन्द कंद भगवान रामचन्द्र की जयकार की । भगवान को वानरों ने कहा- हे भगवन अब देर नहीं करनी चाहिए ।…