भाग-2 ईशोपासना
भाग-2 ईशोपासना 29. उचित है कि मंत्रों का सान्वय , व्युत्पत्ति सहित शब्दार्थ , भावार्थ , निहितार्थ एवं गूदार्थ का मनन और जीवन में ग्रहण हो । 30. उपदिष्ट मंत्र…
भाग-2 ईशोपासना 29. उचित है कि मंत्रों का सान्वय , व्युत्पत्ति सहित शब्दार्थ , भावार्थ , निहितार्थ एवं गूदार्थ का मनन और जीवन में ग्रहण हो । 30. उपदिष्ट मंत्र…
भाग-1 ईशोपासना 1. ईश ( ईश्वर ) की उपासना , उनके निकट स्थान ग्रहण करने का प्रयास है । 2. यह हुआ इशोपासना का शब्दार्थ । ईश का अर्थ होता…
कोरोना में ऑक्सीजन क्राइसिस का विकल्प श्वसन क्रिया बाधित होना ही ऑक्सीजन क्राइसिस लाता है । श्वसन क्रिया में वायु नली का बाधित होना इसका प्रमख कारण है । बाधा…
जागृति को मेरा कोटिशः नमन अपने जीवन की रक्षा हमारा धर्म है । नीतिगत बाध्यता और सामाजिक अंधविश्वास को तोड़ना अनिवार्य है । मानव एक स्वतंत्र सत्ता है । इस…
भाग-4 राष्ट्रधर्म एवं राजभक्ति 73. जो समाज या राष्ट्र का नेतृत्व चाहते हैं वे सुशिक्षित सहित सेवा परायण , कर्मठ और नैतिक गुणों और मानवीय मूल्यों के प्रतिरुप हो ,…
भाग-3 राष्ट्रधर्म एवं राजभक्ति 54. जब शिक्षा , शिक्षालय और शिक्षार्थियों के परिवेश से मानवादर्श का लोप और कदाचार का उद्भव अनियंत्रित हो रहा है तो राज्यादर्श और राष्ट्रादर्श कहाँ…
भाग-2 राष्ट्रधर्म एवं राजभक्ति 30. राज धर्म का पलायन होने से राष्ट्र असुरक्षित होता है । 31. संसद और विधान मंडलों में अपनेक्षित गति विधि आवेश आक्रोश और हिंसक वर्ताव…